चैप्टर 35 कायाकल्प मुंशी प्रेमचंद का उपन्यास | Chapter 35 Kayakalp Novel By Munshi Premchand

चैप्टर 35 कायाकल्प मुंशी प्रेमचंद का उपन्यास | Chapter 35 Kayakalp Novel By Munshi Premchand Chapter 35 Kayakalp Novel By Munshi Premchand पांच साल गुजर गए, पर चक्रधर का कुछ पता नहीं। फिर वही गर्मी के दिन हैं, दिन को लू चलती है, रात को अंगारे बरसते हैं, मगर अहिल्या को न अब पंखे की … Read more

चैप्टर 34 कायाकल्प मुंशी प्रेमचंद का उपन्यास | Chapter 34 Kayakalp Novel By Munshi Premchand

चैप्टर 34 कायाकल्प मुंशी प्रेमचंद का उपन्यास | Chapter 34 Kayakalp Novel By Munshi Premchand Chapter 34 Kayakalp Novel By Munshi Premchand चक्रधर को रात भर नींद न आई। उन्हें बार-बार पश्चाताप होता था कि मैं क्रोध के आवेग में क्यों आ गया। जीवन में यह पहला ही अवसर था कि उन्होंने एक निर्बल प्राणी … Read more

चैप्टर 33 कायाकल्प मुंशी प्रेमचंद का उपन्यास | Chapter 33 Kayakalp Novel By Munshi Premchand

चैप्टर 33 कायाकल्प मुंशी प्रेमचंद का उपन्यास | Chapter 33 Kayakalp Novel By Munshi Premchand Chapter 33 Kayakalp Novel By Munshi Premchand देवप्रिया को उस गुफा में रहते कई महीने गुजर गए। वह तन-मन से पतिसेवा में रत रहती। प्रात:काल नीचे जाकर नदी से पानी लाती; पहाड़ी वृक्षों से लकड़ियां तोड़ती और जंगली फलों को … Read more

बोध मुंशी प्रेमचंद की कहानी | Bodh Munshi Premchand Ki Kahani 

बोध मुंशी प्रेमचंद की कहानी मानसरोवर भाग 8 (Bodh Munshi Premchand Ki Kahani) Bodh Munshi Premchand Ki Kahani  Bodh Munshi Premchand Ki Kahani  पंडित चंद्रधर ने अपर प्राइमरी में मुदर्रिसी तो कर ली थी, किन्तु सदा पछताया करते थे कि कहाँ से इस जंजाल में आ फँसे। यदि किसी अन्य विभाग में नौकर होते, तो … Read more

मूठ मुंशी प्रेमचंद की कहानी | Mooth Munshi Premchand Story 

मूठ मुंशी प्रेमचंद की कहानी (Mooth Munshi Premchand Story) Mooth Munshi Premchand Ki Kahani  Mooth Munshi Premchand Story डॉक्टर जयपाल ने प्रथम श्रेणी की सनद पायी थी, पर इसे भाग्य ही कहिए या व्यावसायिक सिद्धान्तों का अज्ञान कि उन्हें अपने व्यवसाय में कभी उन्नत अवस्था न मिली। उनका घर सँकरी गली में था; पर उनके … Read more

चैप्टर 32 कायाकल्प मुंशी प्रेमचंद का उपन्यास | Chapter 32 Kayakalp Novel By Munshi Premchand

चैप्टर 32 कायाकल्प मुंशी प्रेमचंद का उपन्यास | Chapter 32 Kayakalp Novel By Munshi Premchand Chapter 32 Kayakalp Novel By Munshi Premchand राजा विशालसिंह ने इधर कई साल से राजकाज छोड़-सा रखा था ! मुंशी वज्रधर और दीवान साहब की चढ़ बनी थी। गुरुसेवक सिंह भी अपने रागरंग में मस्त थे। सेवा और प्रेम का … Read more

चैप्टर 31 कायाकल्प मुंशी प्रेमचंद का उपन्यास | Chapter 31 Kayakalp Novel By Munshi Premchand

चैप्टर 31 कायाकल्प मुंशी प्रेमचंद का उपन्यास | Chapter 31 Kayakalp Novel By Munshi Premchand Chapter 31 Kayakalp Novel By Munshi Premchand यौवन काल जीवन का स्वर्ग है। बाल्य काल में यदि हम कल्पनाओं के राग गाते हैं, तो यौवन काल में उन्हीं कल्पनाओं का प्रत्यक्ष स्वरूप देखते हैं, और वृद्धावस्था में उसी स्वरूप का … Read more

चैप्टर 6 दीवाने होके हम रोमांटिक सस्पेंस नॉवेल | Chapter 6 Deewane Hoke Hum Romantic Suspense Novel In Hindi Read Online

चैप्टर 6 दीवाने होके हम रोमांटिक सस्पेंस नॉवेल | Chapter 6 Deewane Hoke Hum Romantic Suspense Novel In Hindi Read Online Chapter 6 Deewane Hoke Hum Romantic Suspense Novel In Hindi  रूपल हैरान नज़रों से सामने खड़े शख्स को देखने लगी। वह कुछ कहती, उसके पहले ही वो कुर्सी खींचकर उसके सामने बैठ गया, मानो … Read more

चैप्टर 11 प्यार का पागलपन रोमांटिक नॉवेल | Chapter 11 Pyar Ka Pagalpan Romantic Novel In Hindi

चैप्टर 11 प्यार का पागलपन रोमांटिक नॉवेल | Chapter 11 Pyar Ka Pagalpan Romantic Novel In Hindi Chapter 11 Pyar Ka Pagalpan Romantic Novel In Hindi 20 जुलाई 2012 बाल भवन पब्लिक स्कूल, भोपाल शुक्रवार का दिन था। स्कूल के प्लेग्राउंड में लड़के-लड़कियों का जमवाड़ा लगा हुआ था। ये कक्षा बारहवीं के स्टूडेंट्स थे और … Read more

चैप्टर 30 कायाकल्प मुंशी प्रेमचंद का उपन्यास | Chapter 30 Kayakalp Novel By Munshi Premchand

चैप्टर 30 कायाकल्प मुंशी प्रेमचंद का उपन्यास | Chapter 30 Kayakalp Novel By Munshi Premchand Chapter 30 Kayakalp Novel By Munshi Premchand चक्रधर जगदीशपुर पहुँच, तो रात के आठ बज गए थे। राजभवन के द्वार पर हजारों आदमियों की भीड़ थी। अन्न-दान दिया जा रहा था और कंगले एक पर एक टूटे पड़ते थे। सिपाही … Read more