देवी लघुकथा मुंशी प्रेमचंद | Devi Laghukatha Munshi Premchand

देवी लघुकथा मुंशी प्रेमचंद (Devi Laghukatha Munshi Premchand Devi Laghukatha Munshi Premchand रात भीग चुकी थी। मैं बरामदे में खडा था। सामने अमीनुददौला पार्क नींद में डूबा खड़ा था। सिर्फ एक औरत एक तकियादार बेंच पर बैठी हुंई थी। पार्क के बाहर सड़क के किनारे एक फ़कीर खड़ा राहगीरों को दुआएं दे रहा था – … Read more

सवा सेर गेहूं मुंशी प्रेमचंद की कहानी | Sawa Ser Gehun Munshi Premchand

सवा सेर गेहूं मुंशी प्रेमचंद की कहानी (Sawa Ser Gehun Munshi Premchand Story) Sawa Se Gehun Munshi Premchand  किसी गाँव में शंकर नाम का एक कुर्मी किसान रहता था। सीधा-सादा गरीब आदमी था, अपने काम-से-काम, न किसी के लेने में, न किसी के देने में। छक्का-पंजा न जानता था, छल-प्रपंच की उसे छूत भी न … Read more

बंद दरवाज़ा मुंशी प्रेमचंद की कहानी | Band Darwaza Story Munshi Premchand

बंद दरवाज़ा मुंशी प्रेमचंद की कहानी | Band Darwaza Story Munshi Premchand Band Darwaza Story Munshi Premchand सूरज क्षितिज की गोद से निकला, बच्चा पालने से—वही स्निग्धता, वही लाली, वही खुमार, वही रोशनी। मैं बरामदे में बैठा था। बच्चे ने दरवाजे से झांका। मैंने मुस्कराकर पुकारा। वह मेरी गोद में आकर बैठ गया। उसकी शरारतें … Read more

बाबा जी का भोग मुंशी प्रेमचंद की कहानी | Babaji Ka Bhog Munshi Premchand Ki Kahani

बाबा जी का भोग कहानी मुंशी प्रेमचंद (Baba Ji Ka Bhog Story Munshi Premchand)  Baba Ji Ka Bhog Story Munshi Premchand रामधन अहीर के द्वार पर एक साधु आकर बोला – “बच्चा तेरा कल्याण हो, कुछ साधु पर श्रद्धा कर।” रामधन ने जाकर स्त्री से कहा – “साधु द्वार पर आये हैं, उन्हें कुछ दे … Read more

राष्ट्र का सेवक मुंशी प्रेमचंद की कहानी | Rashtra Ka Sevak Story By Munshi Premchand

प्रस्तुत है : राष्ट्र का सेवक मुंशी प्रेमचंद की कहानी  (Rashtra Ka Sevak Story By Munshi Premchand)। मुंशी प्रेमचंद की ये कहानी कथनी और करनी के अंतर को दर्शाती है।  Rashtra Ka Sevak Story By Munshi Premchand राष्ट्र के सेवक ने कहा—देश की मुक्ति का एक ही उपाय है और वह है नीचों के साथ … Read more

बड़े भाई साहब मुंशी प्रेमचंद की कहानी | Bade Bhai Sahab Munshi Premchand

बड़े भाई साहब मुंशी प्रेमचंद की कहानी (Bade Bhai Sahab Munshi Premchand Story) Bade Bhai Sahab Munshi Premchand (1) मेरे भाई साहब मुझसे पांच साल बड़े थे, लेकिन तीन दरजे आगे। उन्होंने भी उसी उम्र में पढ़ना शुरू किया था, जब मैंने शुरू किया; लेकिन तालीम जैसे महत्व के मामले में वह जल्दबाजी से काम … Read more

प्रेम की होली मुंशी प्रेमचंद की कहानी | Prem Ki Holi Story Munshi Premchand

प्रेम की होली मुंशी प्रेमचंद की कहानी (Prem Ki Holi Kahani Munshi Premchand) Prem Ki Holi Kahani Munshi Premchand 1 गंगी का सत्रहवाँ साल था, पर वह तीन साल से विधवा थी, और जानती थी कि मैं विधवा हूँ, मेरे लिए संसार के सुखों के द्वार बंद हैं। फिर वह क्यों रोये और कलपे? मेले … Read more

जादू मुंशी प्रेमचंद की कहानी | Jadoo Story Munshi Premchand

जादू कहानी मुंशी प्रेमचंद (Jadoo Story Munshi Premchand) Jadoo Story Munshi Premchand ‘नीला तुमने उसे क्यों लिखा ?’ ‘मीना क़िसको ?’ ‘उसी को ?’ ‘मैं नहीं समझती !’ ‘खूब समझती हो ! जिस आदमी ने मेरा अपमान किया, गली-गली मेरा नाम बेचता फिरा, उसे तुम मुँह लगाती हो, क्या यह उचित है ?’ ‘तुम गलत … Read more

ख़ुदी मुंशी प्रेमचंद की कहानी | Khudi Kahani Munshi Premchand

ख़ुदी कहानी मुंशी प्रेमचंद (Khudi Kahani Munshi Premchand) Khudi Story Munshi Premchand एक अनाथ लड़की मुन्नी की कहानी है, जिस पर सारे गांव के युवक मोहित हैं। किंतु वह सच्चे प्रेम की तलाश में है। क्या उसे सच्चा प्रेम मिला? जानने के लिए पढ़ें :  Khudi Kahani Munshi Premchand (1) मुन्नी जिस वक्त दिलदार नगर … Read more

कौशल मुंशी प्रेमचंद की कहानी | Kaushal Munshi Premchand Story

कौशल मुंशी प्रेमचंद की कहानी (Kaushal Munshi Premchand Story) Kaushal Munshi Premchand Ki Kahani एक आलस्य के मारे पंडितजी की कहानी है, जिनकी पत्नी माया को सोने के हार की लालसा थी। पंडित काम करे, तो पैसे आए। माया पड़ोसन का हार उन्हें दिखाने ले आई और उसी रात घर में चोरी हो गई। चोर … Read more