चैप्टर 3 जाने तू जाने ना बिलियनर रोमांस नॉवेल | Chapter 3 Jane Tu Jane Na Billionaire Romance Novel In Hindi

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Chapter 3 Jane Tu Jane Na Billionaire Romance Novel

Chapter 3 Jane Tu Jane Na Billionaire Romance Novel

सिमी ने एकदम से रोना बंद कर दिया। चेहरे से हाथ हटाकर जब उसने सिर उठाया, तो उसे ब्लैक कलर के लग्ज़री ऑफिस सूट में एक शख्स खुद से दूर जाता दिखाई पड़ा। छत के दूसरे कोने में खड़े होकर वह किसी को कॉल करने लगा।

“वेयर अरे यू टिया? प्लीज पिक माय कॉल…!”

कॉल पिक नहीं हुई और उसने झुंझलाकर एक मुक्का रेलिंग पर मार दिया। एक तेज आवाज गूंजी और उसके रूमाल से आँसू पोंछती सिमी की निगाहें उसकी तरफ घूम गई। उसे उसकी हथेली से खून की पतली धार बहती दिखाई पड़ी। वह उठी और उसकी तरफ बढ़ने लगी। वह अब भी झुंझलाते हुए दूसरी तरफ देख रहा था। पास जाकर सिमी ने उसकी हथेली पर आँसुओं से भीगा वह रुमाल लपेट दिया और धीरे से बोली, “खुद पर गुस्सा उतारने से तकलीफ़ कम नहीं होती, बढ़ जाती है।“

वह पलटा, मगर तब तक सिमी जाने के लिए सीढ़ियों की तरफ बढ़ चुकी थी। वह हाथ उठाकर हथेली पर बंधा रुमाल देखने लगा, जिस पर सिमी के आँसुओं के साथ उसके लहू का रंग मिल चुका था। वह पलटकर फिर से कॉल करने लगा। घंटी जाती रही, मगर कॉल पिक नहीं हुई। उसने एक वाइस मैसेज ड्राप कर दिया –  

“टिया! मैसेज मिलते ही मुझे कॉल करना। मिस यू!”

सिमी लिफ्ट से अपने ऑफिस के फ्लोर पर पहुँची। जैसे ही लिफ्ट का दरवाजा खुला, उसने साहिल को सामने खड़ा पाया। सिमी बाहर निकल पाती, उसके पहले ही साहिल अंदर आया और टॉप फ्लोर का बटन दबा दिया। 

“साहिल..!” सिमी ने कहने की कोशिश की, मगर साहिल ने उसे चुप कर दिया  –

“शशश्श..!”

सिमी ख़ामोश हो गई।

“सिमी सॉरी!” साहिल ने उसकी आँखों में झांककर कहा, “मेरी वजह से आज तुम्हें डांट पड़ी ना!”

“नहीं तो!” सिमी ने सिर हिलाकर धीरे से जवाब दिया।

“तुम्हें कह देना चाहिए था सिमी कि तुम बिजी हो।”

“आपके लिए मैं बिज़ी कैसे हो सकती हूँ साहिल!”

“क्यों? इतना इंपोर्टेंट हूँ मैं तुम्हारे लिए?” साहिल ने प्यार से पूछा।

सिमी ने सिर झुका लिया।

“सिमी तुम बहुत स्वीट हो।” 

ये सुनकर सिमी के दिल की धड़कन बढ़ गई। श्याम आहूजा की बातों से उसके दिल पर जो चोट लगी थी, उस पर साहिल की प्यार भरी बातें मरहम लगाने लगी।

“पता है, कितनी स्वीट?”

“उंहूं!”

“कैंडी जितनी स्वीट।” साहिल ने कहा और उसके होंठों कर उंगली रख दी। 

सिमी शरमाकर सिमट सी गई। साहिल उसके क़रीब जाकर ठीक उसके सामने खड़ा हो गया। 

“क्या मैं इस स्वीट कैंडी को टेस्ट कर लूं?” साहिल उसके होंठों की तरफ झुकने लगा। 

सिमी सकुचाई सी खड़ी रही। वह समझ नहीं पा रही थी कि वो क्या चाहती है। पिछली शाम से साहिल का व्यवहार उसे हैरान कर रहा था। वह उसे पसंद करती थी, पर ये बात उसने कभी जताई नहीं थी और साहिल ने भी कभी उससे इस बारे में कुछ नहीं कहा था। फिर यूं अचानक!

वह ख़यालों में खोई हुई थी और साहिल के होंठ उसके होंठों की नरमी महसूस करने बेहद क़रीब पहुँच चुके थे। साहिल के होंठ सिमी के होंठों को छूने के लिए हल्के से खुले, तभी लिफ्ट का दरवाजा खुल गया। एक शख्स लिफ्ट के अंदर दाखिल हुआ। साहिल और सिमी को उस तरह देखकर उसने गला साफ किया और लिफ्ट के दरवाजे की तरफ घूमकर खड़ा हो गया। साहिल भी अचकचाकर मुड़ गया और उस शख्स के पीछे लिफ्ट के दरवाजे की तरफ चेहरा किये खड़ा हो गया। सिमी उसकी आड़ में खड़ी रही। उसने एड़ी उचकाकर साहिल के कंधे के ऊपर से उस शख्स को देखा। वह ब्लैक लग्जरी ऑफिस सूट पहने तनकर खड़ा था और उसकी हथेली पर रुमाल बंधा हुआ था। सिमी समझ गई कि ये वही शख्स है, जिससे कुछ देर पहले उसकी छत पर मुलाक़ात हुई थी, लेकिन वह उसका चेहरा नहीं देख पाई थी। अब भी वह उसका चेहरा नहीं देख पा रही थी।

निचले फ्लोर पर लिफ्ट रुकते ही सिमी तेजी से बाहर निकली और ऑफिस की तरफ बढ़ गई। साहिल भी उसके पीछे-पीछे ऑफिस की तरफ बढ़ गया। कुछ लोग लिफ्ट में चढ़े और लिफ्ट ग्राउंड फ्लोर की तरफ चली गई। ग्राउंड फ्लोर पर पहुँचकर ब्लैक ऑफिस सूट वाला शख्स लिफ्ट से उतरा और कोट की जेब से मोबाइल निकालकर अपने पर्सनल असिस्टेंट को कॉल करने लगा।

“पीए! मैं ग्राउंड फ्लोर पर हूँ। दो मिनट में पहुँचो।”

दो मिनट के भीतर ही गेहुएं रंग का मध्यम कद काठी वाला ब्लैक रिम का चश्मा पहने एक शख्स तेज कदमों से उसके पास पहुँचा। 

“सर आप कहाँ चले गए थे? मैं सारी बिल्डिंग में आपको ढूंढ रहा था। आप कॉल भी पिक नहीं कर रहे थे।”

“ड्राइवर से कार निकालने को कहो।” 

पर्सनल असिस्टेंट ने ड्राइवर को कॉल लगाया और कुछ ही देर में बिल्डिंग के बाहर बीएमडब्ल्यू कार खड़ी थी। दोनों कार में बैठे और कार चल पड़ी।  

“सर तीन बजे शाह एंड शाह ग्रुप के साथ मीटिंग है।”

“कैंसल कर दो।”

“सर बड़ी मुश्किल से मीटिंग फिक्स हुई है।”

“मेरा मूड खराब है।”

“टिया मैम से बात नहीं हो पाई?”

“आजकल वो अक्सर मेरी कॉल पिक नहीं करती।”

“सर! आज वो जल्दी सो गई होंगी। यूएस और इंडिया का टाइम डिफरेंस है और आजकल वो अपनी वेब सीरीज की डबिंग में भी तो काफ़ी बिजी हैं।”

“पक्का यही बात होगी?”

“और क्या बात होंगी सर!” 

“ओके! शाह एंड शाह ग्रुप की मीटिंग की फाइल ऑफिस पहुँचने के पहले मेरी टेबल पर होनी चाहिए।”

“जी सर!” 

ये देव खुराना था। देव ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज का सीईओ और उसका पर्सनल असिस्टेंट था अंशुमन जैन, जिसके सिर पर ऑफिस के काम के साथ-साथ देव की लव लाइफ हैंडल करने के जिम्मा भी था। टिया देव की बचपन की दोस्त थी। वह टिया को पसंद करता था और उससे शादी करना चाहता था। उसने ऑफिशियली टिया को प्रपोज़ नहीं किया था, मगर वो जानता था कि टिया भी उसे पसंद करती है। उनका रिश्ता ऐसा था, जहाँ जताने या बताने की ज़रूरत उन्हें कभी नहीं पड़ी। टिया बिज़नेस मैनेजमेंट की पढ़ाई के लिए यूएस गई और वहाँ उसे मॉडलिंग का ऑफर मिल गया। मॉडलिंग करते-करते कुछ कॉन्टैक्ट्स के ज़रिये उसे एक वेब सीरीज में इम्पोर्टेन्ट रोल मिल गया। इन दिनों वह शूटिंग ख़त्म कर डबिंग में बिजी थी। यूएस और इंडिया के बीच टाइम डिफरेंस और अपने बिजी शेड्यूल की वजह से वह आजकल देव से ठीक से बात नहीं कर पा रही थी। बस इसलिए देव आजकल उदास रहा करता था और चिड़चिड़ा सा हो गया था।

देव अब भी उदास था और खिड़की की तरफ चेहरा घुमाये किसी सोच में डूबा हुआ था। अंशुमन उसके चेहरे को पढ़ने की कोशिश कर रहा था। चेहरे से होकर जब उसकी नज़र देव के हाथ पर पड़ी, तो वह पूछ बैठा, “सर आपके हाथ में क्या हुआ?”

देव ने अपने हाथ की तरफ देखा, जहाँ अब भी रूमाल बंधा हुआ था। उसके ज़ेहन में सिमी घूम गई। देव और सिमी एक-दूसरे का चेहरा का तो नहीं देख पाये थे, लेकिन दोनों की उदासी ने आज उन्हें एक-दूसरे से जोड़ दिया था।

“कुछ नहीं!” देव ने कहा और खिड़की से बाहर देखने लगा। 

कुछ देर में वे ऑफिस पहुँच गये। ऑफिस पहुँचकर देव अपने केबिन की तरफ बढ़ गया, अंशुमन अपने केबिन की तरफ। देव के केबिन के सामने पहुँचते ही ऑफिस बॉय ने ज़ोरदार सलाम ठोंका और केबिन का दरवाजा खोलने लगा। उस वक्त वह हिचकते हुए कुछ कहने को हुआ, मगर देव की तीखी नज़र से घबराकर ख़ामोश रह गया।

देव केबिन के अंदर दाखिल हुआ और केबिन का दरवाजा बंद हो गया। उस शानदार केबिन की हर चीज शानदार थी। अंदर जाते ही केबिन के दोनों तरफ लग्जरियस थ्री सीटर सोफा सेट सेंटर टेबल के साथ रखा था, जहाँ वीआईपी गेस्ट के साथ बैठकर देव अपने बिजनेस मैटर्स डिस्कस किया करता था। उनके ऊपर दीवार पर बनी शेल्फ में देव को मिले अवार्ड्स की नुमाइश हो रही थी, जो उसे बिजनेस अचीवमेंट्स के लिए हासिल हुए थे। केबिन से लगा एक दरवाजा डाइनिंग रूम की तरफ खुलता था, जहाँ गेस्ट के लिए खाने का अरेंजमेंट किया जाता था। देव ऑफिस टाइम में वहीं बैठकर खाना खाया करता था। वहीं कोने से एक दरवाजा वाशरूम के लिए खुलता था। 

मेन केबिन में टीक वुड की ऑफिस टेबल रखी थी, जिसके एक छोर पर विजिटर्स के लिए चार कुर्सियाँ लगी थी और दूसरे छोर पर एक राउंडिंग चेयर रखी थी, जहाँ देव बैठा करता था। पीछे ग्लास वॉल थी, जहाँ से पूरे शहर का नज़ारा दिखाई पड़ता था। 

देव अपनी चेयर की तरफ बढ़ा, जो पीछे की तरफ घूमी हुई थी। ये बात देव को हैरान कर रही थी, क्योंकि अक्सर ऐसा नहीं होता है। उसके न रहने पर ऑफिस बॉय उसके केबिन की हर चीज व्यवस्थित करके रखता था। वह ऑफिस टेबल क्रॉस कर जैसे ही टेबल के दूसरे छोर पर पहुँचा, चेयर उसकी तरफ घूम गई। देव ने देखा कि उसकी चेयर पर अपनी गोरी चिकनी टांगों की नुमाइश करती ब्लैक कलर की स्ट्रेपलेस टाइट मिनी ड्रेस पहने एक लड़की बैठी है, जो दिखने में किसी मॉडल से कम नहीं है।

देव ने तीखी नज़रों से ऊपर से नीचे तक उसे देखा और कड़क आवाज में पूछा, “कौन हो तुम?”

वह लड़की खड़ी हुई और देव के गले में अपनी दोनों बाहें डालकर बोली, “तुमने मुझे पहचाना नहीं देव!” 

देव ने उसे झटककर खुद से दूर कर दिया।

“ओह देव! बदले नहीं तुम। अब भी खडूस के खडूस हो। याद है, हम तुम्हारे मॉम और डैड की वेडिंग में मिले थे। तुम और मैं चौदह बरस के थे तब।”

देव ने हैरान होकर उसे देखा। उसके ज़ेहन में इस लड़की की कोई याद नहीं थी।

“मैं मोनिका हूँ देव! तुम्हारी मॉम की बेस्ट फ्रेंड निहारिका सक्सेना की डॉटर। याद आया! तुम्हारे मॉम डैड की वेडिंग किस के बाद मैंने तुझे किस करने की कोशिश की थी और तुमने मुझे पूल में ढकेल दिया था।”

देव जब चौदह साल का था, तब उसकी माँ की एक कार एक्सीडेंट में मौत हो गई थी। उसके मरने के पहले से ही देव के पिता विनय खुराना का अपनी ऑफिस सेक्रेटरी सुज़ैन से अफेयर चल रहा था। इसलिए दूसरी शादी करने में उसने देर नहीं लगाई थी। देव की माँ की चिता की आग ठंडी भी नहीं पड़ी थी और सुज़ैन विनय खुराना की दूसरी बीवी बनकर उसके बेडरूम के साथ-साथ पूरे घर पर कब्ज़ा जमा चुकी थी।

मोनिका की बात सुनकर देव को अपने डैड की दूसरी शादी में मौजूद एक थुलथुल लड़की याद आई, जो पूरे समय उसके आसपास मंडराती रही थी। उस लड़की ने उसे किस करने की कोशिश की थी और गुस्से में आकर उसने उसे पूल में धक्का दे दिया था। उस रात विनय खुराना ने उसे बहुत मारा था और उस वक्त सुज़ैन के होंठों पर मुस्कान देखकर वह उससे नफ़रत करने लगा था। अगले ही दिन वो अपने दादा-दादी के साथ रहने उनके घर चला गया था। 

देव पुरानी यादों में खो सा गया। इस बीच मौका पाकर मोनिका फिर उसकी बाहों में झूल गई, “उस रात जो अधूरा छूट गया था, वो आज पूरा कर लेते हैं देव।” अपने होंठ काटकर वह मुस्कुराई।

“तुम उस वक्त भी बेशर्म थी और आज भी हो।” देव ने तेज झटका देकर उसे खुद से अलग किया और कलाई पकड़कर उसे खींचता हुआ दरवाजे की तरफ बढ़ने लगा।

जैसे ही वे सोफे के क़रीब से गुज़रे, मोनिका ने देव की टांग में अपनी टांग फंसा दी। लड़खड़ाकर देव सोफे पर गिरा और उसने ऊपर मोनिका गिर पड़ी। देव संभला, तो उसे महसूस हुआ कि मोनिका का हाथ उसकी शर्ट के अंदर जा चुका है।

“मेरी क़रीबी से तुम्हारा दिल धड़कने लगा है देव। हो तो आखिर मर्द ही…कब तक दूर रहोगे। वैसे भी शादी के बाद तो मुझे किस करोगे ही ना! मॉम ने बताया नहीं तुम्हें…जल्द ही तुम्हारी और मेरी एंगेंजमेंट अनाउंस होने वाली है। आई एम योर्स देव…कम ऑन किस मी!” और मोनिका ने अपने होंठ देव के होंठों की तरफ बढ़ा दिये।

टिया की याद में बेचैन देव का दिल मोनिका की क़रीबी से मचल सा गया। बचपन में वो गोल-मोल थुलथुल सी थी, पर अब काफ़ी हॉट हो चुकी थी और अपने हॉट अवतार में देव को सिड्यूस करने की पूरी तैयारी में थी।

“कम ऑन देव…किस मी!” मोनिका ने फिर कहा और देव के होंठ उसके होंठों की तरफ बढ़ गये।

क्रमश:

क्या देव बहक जायेगा? क्या वो टिया को भूलकर मोनिका से इंगेजमेंट कर लेगा? और सिमी का क्या? क्या देव और सिमी फिर आमने सामने आयेंगे? जानने के लिए पढ़िए Jane Na Jane Na Upanyas का अगला भाग।

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Author  – Kripa Dhaani

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