चैप्टर 23 : ज़िन्दगी गुलज़ार है | Chapter 23 Zindagi Gulzar Hai Novel In Hindi

Chapter 23 Zindagi Gulzar Hai Novel In Hindi

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२६ अक्टूबर – कशफ़

आज मेरी पहली पोस्टिंग हुई थी एक्स्ट्रा असिस्टेंट कमिश्नर के तौर पर खारियां में और इसी हफ्ते के अंदर मैं वहाँ जाकर चार्ज संभाल लूंगी और फिर मैं सही मायनों में अमली ज़िन्दगी का आगाज़ करूंगी. मुझे वहाँ जाते हुए ख़ुशी हो रही है, मगर बहुत ज्यादा ज़िम्मेदारी का अहसास भी हो रहा है.

खारियां में पहली बार किसी औरत को इस ओहदे पर भेजा जा रहा है और मैं पूरी कोशिश करूंगी कि मैं अपने फराइज़ (ड्यूटी) को पूरी ईमानदारी से अंज़ाम दूं. किसी को ये कहने का मौका ना दूं कि फलां काम मेरी वज़ह से नहीं हो पाया या बिगड़ गया और फिर मुझे इस फील्ड में अब सही मायनों में सीखने का मौका मिलेगा. अभी तक तो सिर्फ़ किताबी इल्म था और वो अमली दुनिया में बड़ी हद तक लागू नहीं होता.

मेरी इस एक साल की परफॉरमेंस की बुनियाद पर ही मेरी अगली पोस्टिंग होगी और अच्छी जगह पोस्टिंग लेने के लिए ज़रूरी है कि मैं तर्बियत के इस साल बहुत मेहनत करूं और मेरी परफॉरमेंस गैर-मामूली हो. ज़िन्दगी बहुत हमवार (smooth) और आसान होती जा रही है. यूं लगता है जैसे सारी तकलीफ़ें और परेशानियाँ एकदम खत्म हो गयी हैं और कभी–कभी मुझे इस आसानियों से खौफ़ आने लगता है, क्या व़ाक़ई मेरी सारी मुश्किलें खत्म हो गई है? पता नहीं ये इत्मिनान और सुकून कब तक रहता है. मगर जब तक ये है, मैं इसे एन्जॉय करना चाहती हूँ.

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