चैप्टर 34 कायाकल्प मुंशी प्रेमचंद का उपन्यास | Chapter 34 Kayakalp Novel By Munshi Premchand

चैप्टर 34 कायाकल्प मुंशी प्रेमचंद का उपन्यास | Chapter 34 Kayakalp Novel By Munshi Premchand Chapter 34 Kayakalp Novel By Munshi Premchand चक्रधर को रात भर नींद न आई। उन्हें बार-बार पश्चाताप होता था कि मैं क्रोध के आवेग में क्यों आ गया। जीवन में यह पहला ही अवसर था कि उन्होंने एक निर्बल प्राणी … Read more

चैप्टर 33 कायाकल्प मुंशी प्रेमचंद का उपन्यास | Chapter 33 Kayakalp Novel By Munshi Premchand

चैप्टर 33 कायाकल्प मुंशी प्रेमचंद का उपन्यास | Chapter 33 Kayakalp Novel By Munshi Premchand Chapter 33 Kayakalp Novel By Munshi Premchand देवप्रिया को उस गुफा में रहते कई महीने गुजर गए। वह तन-मन से पतिसेवा में रत रहती। प्रात:काल नीचे जाकर नदी से पानी लाती; पहाड़ी वृक्षों से लकड़ियां तोड़ती और जंगली फलों को … Read more

चैप्टर 32 कायाकल्प मुंशी प्रेमचंद का उपन्यास | Chapter 32 Kayakalp Novel By Munshi Premchand

चैप्टर 32 कायाकल्प मुंशी प्रेमचंद का उपन्यास | Chapter 32 Kayakalp Novel By Munshi Premchand Chapter 32 Kayakalp Novel By Munshi Premchand राजा विशालसिंह ने इधर कई साल से राजकाज छोड़-सा रखा था ! मुंशी वज्रधर और दीवान साहब की चढ़ बनी थी। गुरुसेवक सिंह भी अपने रागरंग में मस्त थे। सेवा और प्रेम का … Read more

चैप्टर 31 कायाकल्प मुंशी प्रेमचंद का उपन्यास | Chapter 31 Kayakalp Novel By Munshi Premchand

चैप्टर 31 कायाकल्प मुंशी प्रेमचंद का उपन्यास | Chapter 31 Kayakalp Novel By Munshi Premchand Chapter 31 Kayakalp Novel By Munshi Premchand यौवन काल जीवन का स्वर्ग है। बाल्य काल में यदि हम कल्पनाओं के राग गाते हैं, तो यौवन काल में उन्हीं कल्पनाओं का प्रत्यक्ष स्वरूप देखते हैं, और वृद्धावस्था में उसी स्वरूप का … Read more

चैप्टर 6 दीवाने होके हम रोमांटिक सस्पेंस नॉवेल | Chapter 6 Deewane Hoke Hum Romantic Suspense Novel In Hindi Read Online

चैप्टर 6 दीवाने होके हम रोमांटिक सस्पेंस नॉवेल | Chapter 6 Deewane Hoke Hum Romantic Suspense Novel In Hindi Read Online Chapter 6 Deewane Hoke Hum Romantic Suspense Novel In Hindi  रूपल हैरान नज़रों से सामने खड़े शख्स को देखने लगी। वह कुछ कहती, उसके पहले ही वो कुर्सी खींचकर उसके सामने बैठ गया, मानो … Read more

चैप्टर 11 प्यार का पागलपन रोमांटिक नॉवेल | Chapter 11 Pyar Ka Pagalpan Romantic Novel In Hindi

चैप्टर 11 प्यार का पागलपन रोमांटिक नॉवेल | Chapter 11 Pyar Ka Pagalpan Romantic Novel In Hindi Chapter 11 Pyar Ka Pagalpan Romantic Novel In Hindi 20 जुलाई 2012 बाल भवन पब्लिक स्कूल, भोपाल शुक्रवार का दिन था। स्कूल के प्लेग्राउंड में लड़के-लड़कियों का जमवाड़ा लगा हुआ था। ये कक्षा बारहवीं के स्टूडेंट्स थे और … Read more

चैप्टर 30 कायाकल्प मुंशी प्रेमचंद का उपन्यास | Chapter 30 Kayakalp Novel By Munshi Premchand

चैप्टर 30 कायाकल्प मुंशी प्रेमचंद का उपन्यास | Chapter 30 Kayakalp Novel By Munshi Premchand Chapter 30 Kayakalp Novel By Munshi Premchand चक्रधर जगदीशपुर पहुँच, तो रात के आठ बज गए थे। राजभवन के द्वार पर हजारों आदमियों की भीड़ थी। अन्न-दान दिया जा रहा था और कंगले एक पर एक टूटे पड़ते थे। सिपाही … Read more

चैप्टर 29 कायाकल्प मुंशी प्रेमचंद का उपन्यास | Chapter 29 Kayakalp Novel By Munshi Premchand

चैप्टर 29 कायाकल्प मुंशी प्रेमचंद का उपन्यास | Chapter 29 Kayakalp Novel By Munshi Premchand Chapter 29 Kayakalp Novel By Munshi Premchand सार्वजनिक काम के लिए कहीं भी क्षेत्र की कमी नहीं, केवल मन में नि:स्वार्थ सेवा का भाव होना चाहिए। चक्रधर प्रयाग में अभी अच्छी तरह जमने भी न पाए थे कि चारों ओर … Read more

चैप्टर 28 कायाकल्प मुंशी प्रेमचंद का उपन्यास | Chapter 28 Kayakalp Novel By Munshi Premchand

चैप्टर 28 कायाकल्प मुंशी प्रेमचंद का उपन्यास | Chapter 28 Kayakalp Novel By Munshi Premchand Chapter 28 Kayakalp Novel By Munshi Premchand ठाकुर गुरुसेवक सिंह जगदीशपुर के नाजिम हो गए थे। इस इलाके का सारा प्रबंध उनके हाथ में था। तीनों पहली रानियां वहीं राजभवन में रहती थीं। उनकी देखभाल करते रहना, उनके लिए जरूरी … Read more

चैप्टर 27 कायाकल्प मुंशी प्रेमचंद का उपन्यास | Chapter 27 Kayakalp Novel By Munshi Premchand

चैप्टर 27 कायाकल्प मुंशी प्रेमचंद का उपन्यास | Chapter 27 Kayakalp Novel By Munshi Premchand Chapter 27 Kayakalp Novel By Munshi Premchand बाबू यशोदानंदन का क्रिया-कर्म हो गया, पर धूम-धाम से नहीं। बाबू साहब ने मरते-मरते ताकीद कर दी थी कि मृतक संस्कारों में धन का अपव्यय न किया जाए । यदि कुछ धन जमा … Read more