Prerak Prasang

प्रेरक प्रसंग


एक डॉलर की जर्सी : माइकल जॉर्डन का प्रेरक प्रसंग

11 September 2017

माइकल जॉर्डन भूतपूर्व अमरीकी बास्केटबॉल खिलाड़ी हैं, जिन्होंने ६ NBA Championships में Chicago Bulls का प्रतिनिधित्व किया और ५ बार Most Valuable Player अवार्ड से नवाज़े गए. माइकल के जीवन को सही दिशा देने में उनके माता-पिता का बहुत बड़ा योगदान रहा. उन्होंने उन्हें सफलता प्राप्ति के लिए अनुशासन, सकारात्मक सोच और कर्मठता का पाठ पढ़ाया.

 


व्याख्या : अल्बर्ट आइंस्टीन का प्रेरक प्रसंग

31 August 2017

अल्बर्ट आइंस्टीन एक महान वैज्ञानिक थे. भौतिक विज्ञान के क्षेत्र में किये गए महान कार्यों के कारण उन्हें आधुनिक भौतिक विज्ञान का जन्मदाता कहा जाता है. विज्ञान में रूचि रखने वाले लोग अक्सर मार्गदर्शन प्राप्त करने उनके पास आया करते थे और आइंस्टीन बड़े ही सरल शब्दों में उनके सारे प्रश्नों का उत्तर दिया करते थे.

 


मौत का सौदागर : अल्फ्रेड नोबेल का प्रेरक प्रसंग

29 August 2017

यह वाक्या १८८८ का है. सुबह-सुबह एक व्यक्ति अखबार पढ़ रहा था. अखबार पढ़ते-पढ़ते अचानक उसकी नज़र “शोक-संदेश” के कॉलम पर पड़ी. अपना नाम वहाँ देखकर वह हैरान रह गया. गलती से अख़बार ने उसके भाई लुडविग के स्थान पर उसके निधन का समाचार प्रकाशित कर दिया था.

 


एक गिलास दूध : डॉ. हॉवर्ड केली का प्रेरक प्रसंग

25 August 2017

एक गरीब लड़का अपनी पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए घर-घर जाकर सामान बेचा करता था. एक बार पूरा दिन बीत जाने पर भी उसका एक भी सामान नहीं बिका. शाम हो आई थी और उसे जोरों की भूख लगने लगी थी. लेकिन उसके पास पैसे नहीं थे कि वह कुछ खरीद कर खा सके.

 


मिलियन डॉलर पेंटिंग : पाब्लो पिकासो का प्रेरक प्रसंग

17 August 2017

एक दिन एक महिला ने रास्ते से गुजरते हुए पाब्लो पिकासो को देखा. देखते ही वह उन्हें पहचान गई और दौड़कर उनके पास पहुँची. उनकी पेंटिंग की वह बहुत बड़ी प्रशंसक थी. वह उसी समय अपने लिए एक पेंटिंग बनाने का आग्रह उनसे करने लगी.

 


 बुद्ध के आँसू : गौतम बुद्ध का प्रेरक प्रसंग

10 Aug 2017

गौतम बुद्ध भ्रमण कर रहे थे. चलते-चलते वे आम के बगीचे में पहुँचे. वहाँ एक पेड़ के नीचे गिरे आमों को खाकर उन्होंने अपनी भूख शांत की और उसी पेड़ के नीचे आराम करने लगे. कुछ देर बाद बगीचे में युवकों का एक झुण्ड आया. वे पत्थर मारकर आम तोड़ने लगे.

 


सुकरात और आईना : सुकरात का प्रेरक प्रसंग

7 Aug 2017

यूनान के महान दार्शनिक सुकरात सुदर्शन नहीं थे. उनका चेहरा कुरूप था. एक दिन अपने कक्ष में बैठकर वह आईने में अपना चेहरा देख रहे थे. तभी उनके एक शिष्य ने कक्ष में प्रवेश किया. सुकरात को आईना देखते हुए पाकर  शिष्य के होंठों पर मुस्कराहट तैर गई. यह देख सुकरात समझ गए कि उसके मस्तिष्क में क्या चल रहा है.


सकारात्मक ऊर्जा : पंडित नेहरु का प्रेरक प्रसंग

2 Aug 2017

भारत के प्रथम प्रधानमंत्री के पद पर आसीन होने के उपरांत पंडित जवाहर लाल नेहरु एक समारोह में सम्मिलित होने लंदन गए. वहाँ उनकी मुलाकात चर्चिल से हुई. चर्चिल नेहरु जी के आलोचक थे. वे सदा उनकी आलोचना किया करते थे.

 


विवेक की शक्ति : सुकरात का प्रेरक प्रसंग
Vivek Ki Shakti Socrates Prerak Prasang30 July 2017

एक दिन एक ज्योतिष यूनान के प्रसिद्ध दार्शनिक सुकरात के पास पहुँचा. उस समय सुकरात अपने शिष्यों के साथ बैठकर चर्चा कर रहे थे. वहाँ पहुँचकर ज्योतिष अपनी ज्योतिष विद्या के बारे में बड़े-बड़े दावे करने लगा.

 


समस्या का समाधान : गौतम बुद्ध का प्रेरक प्रसंग

July 30 2017

एक बार गौतम बुद्ध कौशाम्बी गए. कौशाम्बी नरेश की महारानी उनसे घृणा करती थी. इसलिए वह कुछ लोगों को उन्हें अपमानित करने के उद्देश्य से उनके पास भेजने लगी. वे लोग बुद्ध से दुर्व्यवहार कर उन्हें परेशान किया करते थे.

 


जली हुई रोटियाँ : डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम का प्रेरक प्रसंग

24 July 2017

बात उस समय की है, जब डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम छोटे बच्चे थे. एक रात वे अपने माता-पिता के साथ भोजन कर रहे थे. भोजन करते हुए उनकी दृष्टि अपने पिता की प्लेट पर गई. उन्होंने देखा कि उनकी माँ ने उन्हें जो रोटियाँ परोसी हैं, वे जली हुई हैं.

 


समय अमूल्य है : महात्मा गांधी का प्रेरक प्रसंग

20 July 2017

उन दिनों महात्मा गाँधी साबरमती आश्रम में रहा करते थे. एक दिन पास ही के गाँव के कुछ कार्यकर्ता गाँधी जी से मिलने आये. उन्होंने अपने गाँव में एक सभा का आयोजन किया था, जिसमें वे गाँधी जी को संबोधन के लिए आमंत्रित करना चाहते थे.

 


अनुसरण : गौतम बुद्ध का प्रेरक प्रसंग

15 July 2017

एक व्यक्ति गौतम बुद्ध का प्रवचन सुनने रोज आया करता था और बड़े ही तन्मयता और ध्यान से उनकी बातें सुना करता था. बुद्ध अपने प्रवचनों में लोभ, मोह, द्वेष और अहंकार त्याग कर जीवन में परम लक्ष्य प्राप्ति के लिए उपदेश दिया करते थे. एक दिन वह व्यक्ति गौतम बुद्ध के पास आया और…

 


सुख प्राप्ति का मार्ग : चाणक्य का प्रेरक प्रसंग

14 July 2017

यह वृत्तांत उस समय का है, अब चन्द्रगुप्त मौर्य ने भारत को साम्राज्य के रूप में संगठित कर मौर्य साम्राज्य की स्थापना की. राज्याभिषेक के पूर्व चाणक्य उनके पास पहुँचे और उनसे पूछा, , “ये मैं क्या सुन रहा हूँ चन्द्रगुप्त, तुम मगध का सम्राट नहीं बनना चाहते हो?”

 


ज़ुल्म मत सहो : स्वामी विवेकानंद का प्रेरक प्रसंग

11 July 2017

एक बार स्वामी विवेकानंद रेल में यात्रा कर रहे थे. वे जिस कोच में बैठे थे, उसी कोच में एक महिला भी अपने बच्चे के साथ यात्रा कर रही थी. एक स्टेशन पर दो अंग्रेज अफसर उस कोच में चढ़े और महिला के सामने वाली सीट पर आकर बैठ गये.

 


सभ्यता : जॉर्ज वाशिंगटन का प्रेरक प्रसंग

8 July 2017

यह प्रेरक प्रसंग अमरीका के प्रथम राष्ट्रपति जॉर्ज वाशिंग्टन के जीवन से जुड़ा हुआ है. एक बार जॉर्ज वाशिंग्टन अपने मित्रों तथा अन्य उच्चाधिकारियों के साथ कहीं जा रहे थे. रास्ते में उन्हें एक हब्शी मिला.

 

 


तीन कसौटियाँ : सुकरात का प्रेरक प्रसंग

1 July 2017

एक दिन सुकरात का एक परिचित व्यक्ति उनके पास आया और बड़े ही उत्साह से उन्हें बताने लगा, “मैंने आपके मित्र के बारे में कुछ सुना है…….” सुकरात अपनी विद्वत्ता, ज्ञान और सद्-व्यव्हार के लिए प्रसिद्ध थे.

 

 


जीनियस : थॉमस एडिसन का प्रेरक प्रसंग

29 June 2017

यह घटना उस समय की है जब थॉमस एडिसन छोटे थे और स्कूल में पढ़ा करते थे. एक दिन वे स्कूल से लौटकर घर आये और अपनी माँ को एक पेपर देते हुए बोले. “माँ, टीचर ने यह पेपर आपको देने को कहा है.”

 


भागो मत : स्वामी विवेकानंद का प्रेरक प्रसंग

28 June 2017

अपने गुरु स्वामी राम कृष्ण परमहंस के शरीर त्याग के उपरांत स्वामी विवेकानंद तीर्थयात्रा पर निकले. कई स्थानों के दर्शन करते हुए वे काशी पहुँचे और विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के लिए गए. दर्शन कर जब वे मंदिर से बाहर आये तो देखा कि मंदिर के सामने कुछ बंदर इधर-उधर चक्कर लगा रहे है.

 


उन दिनों महात्मा गाँधी “चरखा संघ” के लिए धन एकत्रित करने शहरों और गाँवों का दौरा कर रहे थे. इसी सिलसिले में वे उड़ीसा दौरे पर पहुँचे. वहाँ एक गाँव में उनका संबोधन कार्यक्रम हुआ. उस सभा में गाँधी जी को सुनने बहुत सारे लोग इकठ्ठे हुए थे.

 


लक्ष्य पर ध्यान : स्वामी विवेकानंद का प्रेरक प्रसंग

6 May 2017

यह घटना उस समय की है, जब विवेकानन्द अमरीका में थे. एक बार वे भ्रमण पर निकले. एक नदी के पास से गुजरते हुए उन्होंने कुछ लड़कों को देखा. वे सभी पुल पर खड़े थे.