प्रेरणादायक कहानियाँ


खेत की खुदाई 

22 September 2017

एक गाँव में एक बूढ़ा आदमी अपने बेटे के साथ रहता था. एक दिन पुलिस उसके घर आई और उसके बेटे पर हथियार चुराने का आरोप लगाकर पकड़ कर ले गई. उसे जेल में बंद कर दिया गया. बूढ़ा आदमी हर साल अपने खेत में आलू उगाया करता था. आलू की अच्छी पैदावार उसे अच्छी आमदनी दिला जाती थी और..


सत्रह ऊँट और तीन पुत्र 

31 August 2017

रेगिस्तानी इलाके में स्थित एक गाँव में एक वृद्ध व्यक्ति अपने तीन पुत्रों के साथ रहता था. उसके पास १७ ऊँट थे. एक दिन उस वृद्ध की मृत्यु हो गई. क्रियाकर्म के पश्चात उसकी वसीयत खोली गई. उस वसीयत में उसने अपनी संपत्ति के साथ–साथ १७ ऊँटों का भी अपने पुत्रों के मध्य बंटवारा किया था.


स्वयं को बदलिये 

10 August 2017

बहुत पहले की बात है. एक राज्य में एक राजा राज करता था. वह बहुत दयालु और कृपालु था. समय-समय पर अपने राज्य में भ्रमण कर वह जनता के सुख-दुःख का समाचार लेता रहता था. सर्वदा वह घोड़े पर भ्रमण के लिए निकलता था. किंतु एक बार उसने पैदल ही भ्रमण पर निकलने का निश्चय किया.


धैर्य का फल

9 June 2017

एक गरीब किसान को उसके एक मित्र ने कुछ बीज दिये और उसे बताया कि ये बीज बांस के पेड़ की उस प्रजाति के हैं, जो चीन में पाए जाते है. इन पेड़ों की ऊँचाई ९० फीट तक होती है. किसान ने वे बीज अपने मित्र से ले लिए और उन्हें अपने खेत में बो दिये.


अपनी रणनीति बदलिये

29 May 2017

एक अंधा आदमी एक बड़ी ईमारत की सीढ़ियों पर सुबह से बैठा हुआ था. अपनी ओर लोगों का ध्यान खींचने के लिए उसने अपने बगल में एक स्लेट रखी हुई थी, जिस पर लिखा हुआ था : “मैं अँधा हूँ. मेरी मदद करें.”

 


जीवन का दर्पण

18 March 2017

एक दिन ऑफिस के सारे कर्मचारी जब ऑफिस पहुँचे, तो उन्होंने दरवाजे पर एक पर्ची चिपकी हुई देखी. जिस पर लिखा हुआ था – “कल उस इंसान की मौत हो गई, जो कंपनी में आपकी प्रगति में बाधक था. उसे श्रद्धांजली देने के लिए सेमिनार हाल में एक सभा आयोजित की गई है..


सकारात्मक और नकारात्मक सोच

6 March 2017

एक नगर में एक धनी व्यापारी रहता था. एक दिन व्यापार के सिलसिले में वह यात्रा पर निकला. मार्ग में एक घना वन था, जिसे पार कर उसे अपने गंतव्य तक पहुँचना था. लेकिन चलते-चलते वह बहुत थक गया था. इसलिए एक वृक्ष के तले वह सुस्ताने के लिए बैठ गया.


अंतिम दौड़ 

24 February 2017

बहुत समय पहले की बात है. एक प्रसिद्ध ऋषि गुरुकुल में बालकों को शिक्षा प्रदान किया करते थे. उनके गुरुकुल में अनेक राज्यों के राजकुमारों के साथ-साथ साधारण परिवारों के बालक भी शिक्षा प्राप्त करते थे.