जीवन का दर्पण : Motivational Story In Hindi

जीवन का दर्पण

Motivational Story In Hindi


 

जीवन का दर्पण : Motivational Story In Hindi

एक दिन ऑफिस के सारे कर्मचारी जब ऑफिस पहुँचे, तो उन्होंने दरवाजे पर एक पर्ची चिपकी हुई देखी. जिस पर लिखा हुआ था – “कल उस इंसान की मौत हो गई, जो कंपनी में आपकी प्रगति में बाधक था. उसे श्रद्धांजली देने के लिए सेमिनार हाल में एक सभा आयोजित की गई है. ठीक 11 बजे श्रद्धांजली सभा में सबका उपस्थित होना अपेक्षित है.”

अपने एक सहकर्मी की मौत की खबर पढ़कर पहले तो सभी दुखी हुए. लेकिन कुछ देर बाद सबमें ये जिज्ञासा उत्पन्न होने लगी कि आखिर वह कौन था, जो उनकी और कंपनी की प्रगति में बाधक था?

ठीक 11 बजे सभी सेमिनार हाल में जमा थे. वहाँ इतनी भीड़ थी कि उसे नियंत्रित करने के लिए वहाँ सिक्यूरिटी गार्ड की व्यवस्था की गई थी. लोगों का आगमन लगातार जारी था. जैसे-जैसे और लोग आते जा रहे थे, हलचल भी बढ़ती जा रही थी. सबके दिमाग में बस यही चल रहा था : “आखिर वो कौन था, जो कंपनी में मेरी प्रगति पर लगाम लगाने पर तुला हुआ था? चलो, एक तरह से ये अच्छा ही हुआ कि वो मर गया.”

जैसे ही श्रद्धांजली सभा प्रारंभ हुई, एक-एक करके सभी उत्सुक और जिज्ञासु कर्मचारी कफ़न के पास जाने लगे. करीब पहुँचकर जैसे ही वे कफ़न के अंदर झांकते, उनका चेहरा फक्क पड़ जाता. मानो उन्हें सदमा सा लग गया हो.

उस कफ़न के अंदर एक दर्पण रखा हुआ था. जो भी उसमें झांककर देखता, उसे उसमें अपना ही अक्स नज़र आता. उस दर्पण पर एक पर्ची भी चिपकी हुई थी, जिस पर कुछ ऐसा लिखा था जो सबकी आत्मा को झकझोर रहा था: ”केवल एक ही इन्सान आपकी प्रगति में बाधक है और वो आप खुद है. आप ही वो इन्सान है, जो अपने जीवन में क्रांति उत्पन्न कर सकते है. आप ही वो इन्सान है, जो अपनी ख़ुशी, अपनी समझ और अपनी सफलता को प्रभावित कर सकते है. आप ही वो इन्सान हैं, जो अपनी खुद की मदद कर सकते है. आपका जीवन नहीं बदलता, जब आपका बॉस बदल जाता है. आपका जीवन नहीं बदलता, जब आपके दोस्त बदल जाते है. आपका जीवन नहीं बदलता, जब आपके पार्टनर या साथी बदल जाते है. आपका जीवन तब बदलता है, जब “आप” बदल जाते है. जब आप अपने खुद के विश्वास की सीमा को लाँघकर उसके पार जाते है, जब आप ये समझ जाते है कि आप और सिर्फ आप अपने जीवन के लिए जिम्मेदार है, तब आपका जीवन बदल जाता है. सबसे महत्वपूर्ण रिश्ता जो आपका किसी के साथ है, वो आपका खुद से है.”

 

Read More Post
¤ अंतिम दौड़ : प्रेरणादायक कहानी
¤ सकारात्मक और नकारात्मक सोच :  प्रेरणादायक कहानी
Posted in Motivational story, Uncategorized and tagged , , , .