राजा की चुनौती : तेनाली राम की कहानी | Raja Ki Chunauti Tenali Ram Story In Hindi

राजा कृष्णदेव राय और तेनाली राम वार्तालाप कर रहे थे. अचानक उनके मध्य झूठ बोलने के विषय पर चर्चा चल पड़ी. तेनाली राम ने राजा से कहा कि लोगों को जब भी मौका मिलता है, वे झूठ बोल देते हैं. राजा कृष्णदेव राय तेनाली राम की इस बात से सहमत नहीं थे. वे बोले, “ऐसा नहीं हैं. लोग तभी झूठ बोलते हैं, जब अपरिहार्य होता है. विजय नगर के सिंहासन पर विराजमान होने के उपरांत मैंने कभी झूठ नहीं बोला..

तेनाली राम की चित्रकला | Tenali Ram Ki Chitrakala

विजयनगर के महाराज कृष्णदेव राय अपने महल की दीवारों पर चित्रकारी करवाना चाहते थे. उन्होंने यह जिम्मेदारी एक चित्रकार को सौंपी. चित्रकार ने महल की दीवारों पर बहुत से चित्र बनाये. जिसने भी उन चित्रों को देखा, उसकी भरपूर प्रशंषा की. तेनाली राम भी चित्रों को देख रहे थे. एक चित्र को देखते हुए उनके मन में कौतूहल जागा. उस चित्र की पृष्ठभूमि में प्राकृतिक दृश्य थे, किंतु अन्य पक्षों को उसमें उकेरा नहीं गया था.

कुएं का विवाह तेनाली राम की कहानी | Kuwen Ka Vivah Tenali Rama Story In Hindi

एक बार राजा कृष्णदेव राय और तेनाली राम के मध्य किसी विषय पर बहस हो गई. बहस इतनी बढ़ गई कि तेनाली राम रूठ गए और नगर छोड़कर कहीं चले गए. कई दिन बीत जाने के उपरांत भी जब तेनाली राम नहीं लौटे, तो राजा को उनकी याद सताने लगी. उन्होंने अपने सैनिकों को आदेश दिया कि तेनाली राम को कहीं से भी दूंढकर उनके सामने प्रस्तुत किया जाये.

दोषी कौन? तेनाली राम की कहानी | Doshi Kaun Tenali Ram Story In Hindi

Doshi Kaun Tenlai Ram Story In Hindi दोषी कौन? : तेनाली राम की कहानी राजा कृष्णदेव राय का दरबार लगा हुआ था. तेनालीराम सहित सभी दरबारी वहाँ उपस्थित थे. अचानक […]

तेनालीराम की परीक्षा | Tenali Ram Ki Pariksha

Tenali Ram Ki Pariksha तेनालीराम की परीक्षा राजा कृष्ण देव राय का दरबार लगा हुआ था और उनका दरबारियों से विचार-विमर्श चल रहा था. कुछ देर विचार-विमर्श के उपरांत चतुर […]

सबसे कीमती उपहार तेनाली राम की कहानी | The Costliest Present Tenali Ram story In hindi

एक बड़े युद्ध में विजय प्राप्त कर राज्य वापस लौटे राजा कृष्णदेव राय बहुत प्रसन्न थे. अपनी प्रसन्नता प्रदर्शित करते हुए उन्होंने सभी दरबारियों को उपहार वितरित करने का एलान किया. एलान सुन सभी दरबारी राजदरबार पहुँच गए. उनको दिये जाने वाले उपहार एक बड़े कक्ष में रखे हुए थे.

मनहूस : तेनाली राम की कहानी | The Jinx Tenali Ram Story In Hindi

विजयनगर में रामया नामक व्यक्ति रहता था. उसे उस नगर के सभी निवासी मनहूस समझते थे. सबका ये मानना था कि यदि कोई व्यक्ति सुबह सोकर उठने के उपरांत सबसे पहले रामया का मुख देख ले, तो उसे पूरे दिन भोजन की प्राप्ति नहीं होती. इस कारण कोई भी उसका सामना नहीं करना चाहता था. रामया इस बात से बहुत दुखी था.

तेनाली राम और जादूगर | Tenali Ram And Magician

एक दिन एक जादूगर कृष्णदेव राय के दरबार में आया. अपने जादू के और करामातों से उसने सभी दरबारियों का बहुत मनोरंजन किया. कृष्णदेव राय भी उसके जादू से मंत्र मुग्ध हो गए. उस जादूगर को अपने जादू पर बड़ा घमंड था. इसलिए उसने अपना जादू दिखाने के बाद दरबार में उपस्थित दरबारियों को चुनौती दे डाली कि कोई जादू के खेल में उसे हरा कर दिखा दे. इस चुनौती के बाद सभी दरबारी एक-दूसरे का मुँह ताकने लगे.

तेनाली राम की नियुक्ति | Tenali Ram Ki Niyukti

बहुत समय पहले की बात है. दक्षिण भारत में विजयनगर नामक राज्य था, जहाँ राजा कृष्णदेव राय राज्य किया करते थे. उस राज्य के एक गाँव तेनाली में रामकृष्ण नामक एक गरीब ब्राह्मण रहा करता था. वह बुद्धिमान और वाकपटु होने के साथ-साथ एक श्रेष्ठ कवि भी था. वह सर्वदा गाँव वालों से यह सुनता रहता कि राजा कृष्णदेव राय बुद्धिमान, गुणीजनों और कला संपन्न व्यक्तियों का बहुत सम्मान करते हैं.