अकबर-बीरबल की कहानियाँ


बैल का दूध 

13 September 2017

बादशाह अकबर का दरबार लगा हुआ था. दरबार में अन्य सभी दरबारी उपस्थित थे, केवल बीरबल को छोड़कर. बीरबल की अनुपस्थिति का लाभ उठाकर कुछ दरबारी उनके विरूद्ध बादशाह के कान भरने लगे. वे कहने लगे, “जहाँपनाह! बीरबल अक्सर दरबार में विलंब से आते है..


बीरबल की खिचड़ी 

24 August 2017

एक रात बादशाह अकबर अपने दरबारियों को साथ लेकर सैर पर निकले. सैर करते हुए वे सभी यमुना नदी के तट पर पहुँचे. ठंड का मौसम था. दिल्ली में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही थी. यमुना के सामानांतर टहलते हुए अचानक ही जाने बादशाह अकबर को क्या सूझा कि उन्होंने अपनी एक उंगली यमुना के ठंडे पानी में डाल दी.


लोहे की गर्म सलाखें 

3 Aug 2017

एक बार एक अमीर आदमी ने हसन नामक अपने पड़ोसी को सजा दिलवाने की सोची और उस पर अपने घर से सोने का कीमती हार चुराने का इलज़ाम लगा दिया. यह शिकायत उसके बादशाह अकबर के दरबार तक पहुँचा दी. दरबार में जब मुक़दमा चला..


बीरबल की अक्लमंदी 

1 Aug 2017

बीरबल की अक्लमंदी और हाज़िरजवाबी के सामने अक्सर दरबार के मंत्रियों को नीचा देखना पड़ता था. इसलिए वे मन ही मन बीरबल से इर्ष्या करते थे. एक मंत्री बादशाह का मुख्य सलाह्कर बनने का इच्छुक था. लेकिन बीरबल के मुख्य सलाहकार के पद पर रहते तक ऐसा होना संभव नहीं था.


हरे रंग का घोड़ा

26 July 2017

बादशाह अकबर अक्सर अपने शाही बाग़ में वक़्त गुज़ारने जाया करते थे. एक दिन वे अपने घोड़े पर बैठकर वहाँ गए. हमेशा की तरह उनके साथ बीरबल भी था. शाही बाग़ की हरियाली को देखकर अकबर के मन में ख्याल आया कि इतने हरे-भरे बगीचे में घूमने के लिए यदि घोड़ा भी हरे रंग का हो, तो कितना बढ़िया हो.


रेत और चीनी का मिश्रण

19 July 2017

बादशाह अकबर का दरबार लगा हुआ था और राजकीय कार्यवाही चल रही थी. इस बीच वहाँ एक दरबारी हाथ में एक मर्तबान लेकर पहुँचा. मर्तबान देख अकबर ने आश्चर्य से पूछा, “इस मर्तबान में क्या है?” “जहाँपनाह! इसमें रेत और चीनी का मिश्रण है.” उस दरबारी ने उत्तर दिया.


छोटा बांस-बड़ा बांस

18 July 2017

अकबर अक्सर बीरबल को लेकर सैर पर निकल जाया करते थे. एक दिन ऐसे ही बीरबल के साथ वे बाग़ में सैर कर रहे थे. बीरबल लतीफ़ा सुना रहा था और अकबर उसका आनंद ले रहे थे. तभी अचानक अकबर को घास पर पड़ा हुआ बांस का एक टुकड़ा दिखाई दिया. उन्होंने वह टुकड़ा उठा लिया.


तीन प्रश्न

21 June 2017

एक दिन अचानक ही अकबर ने बीरबल के सामने तीन प्रश्न उछल दिये. प्रश्न थे – ईश्वर कहाँ रहता है? वह कैसे मिलता है? और वह क्या करता है? इन प्रश्नों को सुनकर बीरबल सकपका गया और अगले दिन इनका उत्तर देने का वादा कर घर आ गया. घर पर आकर उसने वे प्रश्न अपने पुत्र को बताये.


सबसे अच्छा शस्त्र

22 June 2017

बादशाह अकबर का दरबार लगा हुआ था. वहाँ बादशाह के पूछे गए प्रश्न पर चर्चा चल रही थी. प्रश्न था कि बचाव के लिए सबसे अच्छा शस्त्र कौन सा होता है? ना-ना प्रकार के उत्तर दरबारियों द्वारा दिए गए. किसी ने तलवार कहा, तो किसी ने भाला, तो किसी ने चाकू.


अकबर बीरबल से कैसे मिले?

16 June 2017

बादशाह अकबर शिकार के बहुत शौक़ीन थे. एक दिन वे अपने सिपाहियों के साथ शिकार पर निकले. शिकार करते-करते उन्हें पता ही नहीं चला कि कब वे अपने कुछ सिपाहियों के साथ वन में बहुत आगे निकल आये और रास्ता भटक गए. बाकी सिपाही पीछे कहीं छूट गए. शाम ढल चुकी थी.